किफायती दाम और त्योहारी सीजन के चलते पाम तेल के जुलाई के आयत में 59% की बढ़ोतरी
Mumbai,16 Aug:अखिल भारतीय खाद्य तेल व्यापारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के महाराष्ट्र प्रदेश के महामंत्री शंकर ठक्कर ने बताया विदेशों से आयात किये जाने वा अन्य तेलों के मुकाबले किफायती दाम एवं आने वाले त्योहारी सीजन के चलते जुलाई में भारत का पाम तेल आयात पिछले महीने से 59% बढ़कर 1.08 मिलियन मीट्रिक टन हो गया, जो सात महीनों में सबसे अधिक है।
खाने के तेल का दुनिया के सबसे बड़े खरीदार भारत द्वारा उच्च आयात से शीर्ष उत्पादक देश मलेशिया और इंडोनेशिया को राहत मिलेगी क्योंकि वहां पर बड़े पैमाने पर तेल का भंडारण पड़ा है। भारत में आयात बढ़ने से स्टॉक कम करने और मलेशियाई कीमतों का समर्थन करने में मदद मिलेगी।
दूसरी तरफ देश में सोया तेल का आयात लगभग 22% गिरकर 342,270 टन और सूरजमुखी तेल का आयात 71% बढ़कर 327,259 टन हो गया इसके पीछे की वजह सोया तेल के मुकाबले सूरजमुखी तेल के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कम है।
महासंघ के महामंत्री तरुण जैन ने बताया जुलाई में भारत का खाद्य तेल आयात बढ़कर रिकॉर्ड 1.76 मिलियन टन हो गया, क्योंकि काले समुद्र से आयात पर अनिश्चितता को देखते हुए रिफाइनर्स ने आगामी त्योहारों के लिए स्टॉक तैयार कर लिया है। पाम तेल का आयात बढ़ने की एक वजह कच्चे सोया तेल की तुलना में कच्चे पाम तेल की छूट 150 डॉलर प्रति टन से अधिक हो गई है, जो एक महत्वपूर्ण कदम है जो यह सुनिश्चित करता है कि रिफाइनर पाम तेल पर स्विच कर गए हैं। आगे भी खाने के तेल का आयात इसी तरह बढ़ता रहा तो इस वर्ष में देश का कुल आयात रिकॉर्ड 15 से 16 मिलियन टन तक पहुंच सकता है।
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